अरहनाथ चालीसा | Arahnath Bhagwan Chalisa If you are Interested to read 24 Jain Tirthankar Argh of each separate one then you can simply Click Here Arahnath Chalisa Shri Arahnath Bhagwan Chalisa full lyrics in Hindi is as given below - ( श्री अरहनाथ भगवान चालीसा प्रारंभ ) दोहा - ओ अरनाथ अनंत सुखदाता, देवी रानी के जाए हो राजा सुदर्शन के सूत प्यारे, प्राणी मात्र को बाए हो l शरण तुम्हारी जो भी आए, चित्त प्रसन्नता को पाये तुम चरणों की सेवा करके, आत्मा उज्वल हो जाए।। चौपाई - श्री अरहनाथ जिनेन्द्र गुणाकर, ज्ञान-दरस-सुरव-बल रत्ऩाकर । कल्पवृक्ष सम सुख के सागर, पार हुए निज आत्म ध्याकर । अरहनाथ नाथ वसु अरि के नाशक, हुए हस्तिनापुर के शासक । माँ मित्रसेना पिता सुर्दशन, चक्रवर्ती बन किया दिग्दर्शन । सहस चौरासी आयु प्रभु की, अवगाहना थी तीस धनुष की । वर्ण सुवर्ण समान था पीत, रोग शोक थे तुमसे भीत । ब्याह हुआ जब प्रिय कुमार का, स्वप्न हुआ साकार पिता का । राज्याभिषेक हुआ अरहजिन का, हुआ अभ्युदय चक्र रत्न का । । एक दिन देखा शरद ऋतु में, मेघ विलीन हुए क्षण भर मेँ । उदित ह...