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Barah Bhavna | बारह भावना | Barah Bhavna lyrics

Barah Bhavna | बारह भावना Barah Bhavna ( बारह भावना ) full including Vishnupad Chhand  (विष्णुपद छंद) , १. अनित्य भावना, २. अशरण भावना, ३. संसार भावना, ४. एकत्व भावना, ५. अन्यत्व भावना, ६. अशुचि भावना, ७. आस्रव भावना, ८. संवर भावना, ९. निर्जरा भावना, १०. लोक भावना, ११. बोधि-दुर्लभ भावना, १२. धर्म भावना. Here we upload all type of Jainism related content and information for Jain Community.  If you are Interested to read 24 Jain Tirthankar Argh of each separate one then you can simply  Click Here   Barah Bhavna lyrics | बारह भावना Barah Bhavna Jain full in Hindi is as given below - वंदूँ श्री अरिहंतपद, वीतराग विज्ञान | वरणूँ बारह भावना, जग-जीवन-हित जान ||१|| (विष्णुपद छंद) कहाँ गये चक्री जिन जीता, भरतखंड सारा | कहाँ गये वह राम-रु-लक्ष्मण, जिन रावण मारा || कहाँ कृष्ण-रुक्मिणि-सतभामा, अरु संपति सगरी | कहाँ गये वह रंगमहल अरु, सुवरन की नगरी ||२|| नहीं रहे वह लोभी कौरव, जूझ मरे रन में | गये राज तज पांडव वन को, अगनि लगी तन में || मोह-नींद से उठ रे चेतन, तुझे जगावन...

Barah Bhavna | बारह भावना | Barah Bhavna Lyrics in Hindi

Barah Bhavna |  बारह भावना | Barah Bhavna Lyrics | Barah Bhavna lyrics in Hindi  Here we have provided full lyrics of Barah Bhavna in Hindi language. Here we upload of Jainism related content and information for Jain Community.  If you want to read All  Jain Tirthankar Chalisa  then you can simply  Click Here  which will redirect you to all Jain Tirthankar Chalisa Page. बारह भावना, Barah Bhavna  Barah Bhavna ( बारह भावना ) full lyrics in Hindi are as given below - राजा राणा छत्रपति, हाथिन के असवार। मरना सबको एक दिन, अपनी-अपनी बार॥ दल बल देवी देवता, मात-पिता परिवार। मरती बिरियाँ जीव को, कोऊ न राखन हार॥ दाम बिना निर्धन दुखी, तृष्णा वशधनवान। कहूँ न सुख संसार में, सब जग देख्यो छान॥ आप अकेला अवतरे, मरैअकेला होय। यो कबहूँ इस जीव को, साथी सगा न कोय॥ जहाँ देह अपनी नहीं,तहाँ न अपना कोय। घर सम्पत्ति पर प्रगट ये, पर हैं परिजन लोय॥ दिपै चाम-चादरमढ़ी, हाड़ पींजरा देह। भीतर या सम जगत में, और नहीं घिन गेह॥ मोह नींदके जोर, जगवासी घूमें सदा। ...